इधर कई दिनों से कुछ मुस्लिम ब्लागर जो हिन्दु धर्म के बारे में ज्यादा जानते नही हैं अपने अधकचरे जानकारी के द्वारा हिन्दु धर्म को कोसते नजर आते हैं जिनका सिर्फ एक ही काम है हिन्दु धर्म को निचा दिखाना वे अपने अधकचरा जानकारी के द्वारा महान हिन्दु के अच्छाई को भी बुराई बना कर दिखाने का कोशीश कर रहें हैं वैसे ब्लागर को चेतावनी देना चाहता हू हमें मजबुर मत करो इस्लाम का बुराई करने का नही तो यैसे कई ब्लागर हैं जो इस्लाम के कमी को अच्छी तरह जानते है लेकिन अपने अच्छे
संस्कार के चलते अपने धर्म के साथ इस्लाम का भी इज्जत करते हैं कही यैसा ना हो कि यैसे हिन्दु ब्लागर भी वही काम करने लगे जो इस्लामिक ब्लागर कर रहें हैं। इसे इस्लामिक ब्लागर चेतावनी के रुप में लें अन्यथा .................................।
29 comments:
सत्यवचन
March 16, 2010 12:29 PMइसे इस्लामिक ब्लागर चेतावनी के रुप में लें अन्यथा .................................।
March 16, 2010 12:37 PMKaya karlo ge in logo ka.....aap ak hindu hai....sirf bhokana janate hai ham......
आपकी चेतावनी सही है. इस ब्लोगिंग को ब्लोगिंग ही रहने दे अन्यथा इस्लाम में इतनी कमिया हैं की गिनाने पर इन्हें भागने की भी जगह नहीं मिलेगी.
March 16, 2010 1:01 PMभारतीय नववर्ष 2067 , युगाब्द 5112 व पावन नवरात्रि की शुभकामनाएं
रत्नेश त्रिपाठी
ये निहायत ही नीचे दर्जे के लोग हैं.....इन्होने ब्लोगिंग की मूल भावना को भी आहते किया है....स्वयं ही लिखना ....फिर स्वयं ही टिप्पणी करना और पसंद करना....ये एक सुनियोजित षड्यंत्र हैं.....इनको पढना बंद करदें ये अपने आप ठीक हो जायेंगे....
March 16, 2010 1:09 PMYe Haramkhor Jo Islam Ko Nahi Jante Hai Wahi Dusre Dharm Ke Bare Mai Yesi Bate Kahte Hai Ye Sabhi Islam Ke Sabse Bare Dusman Hai Aaj Islam Ko Sabhi Nafrat Bhari Nigaho Se Dekhte Hai Iske Piche Yahi Haram Khore Ka Team Kam Kar Raha Hai..................
March 16, 2010 1:30 PMakhir kahin to apni bhadaas nikalenge - padho hee nahin inhen bakane do
March 16, 2010 1:33 PMसूअर है, उनसे आप कीचड में लोटने और दूसरो पर कीचड उछलने के अलावा और क्या उम्मीद कर सकते है ?
March 16, 2010 1:37 PMकुछ लोग काफी समय से ब्लॉग का प्रयोग अपनी कुंठाओ को जाहिर करने के लिए कर रहे है ..... उनको बढ़ावा ना दिया जाए, उनके उकसाऊ शीर्षक और विवादस्पद मुद्दे उठाने की प्रवति पर तभी रोक लगेगी जब उनपर टिपण्णी ना की जाए
March 16, 2010 2:19 PMबहिष्कार
?
March 16, 2010 2:44 PMकोई अपनी कलम का दुरूपयोग अपने दिमाग की गंदगी फ़ैलाने के लिए करता है तो क्या सभ्य लोग भी उस गंदगी का जबाब देने मात्र के लिए अपनी पवित्र कलम को गन्दी कर लें ?
March 16, 2010 4:32 PMकलम, रोशनाई, किताब की जगह आज इन्टरनेट लेता जा रहा है - लेकिन ये है तो आखिर कलम, रोशनाई, किताब का ही पर्याय l
फिर हम सभ्य लोग क्यों न इन्टरनेट को भी उसी पवित्रता से प्रयोग में लायें जैसा कि कलम, रोशनाई, किताब को लाते थे l
कोई चीज कितनी भी अच्छी हो - लेकिन कुछ इस प्रकार के संस्कार वाले लोग होते हैं जो सिर्फ और सिर्फ उसका दुरूपयोग करने का तरीका इजाद कर ही लेते हैं - और दुरूपयोग ही करेंगे - क्योंकि वैसे ही संस्कार हैं l
अब संस्कार तो नहीं बदल सकते - आप जैसे चाहो कोशिश कर के देख लें l
देश, काल और परिस्थिति (मजबूरियां) में से एक के भी बदल जाने से परिभाषा बदल सकती है परन्तु संस्कार नहीं बदल सकते l
हमारे संस्कार ऐसे हैं कि हम जहाँ भी जाते हैं - उस स्थान और वहां के लोगों की तरक्की, खुशहाली, अमन, चैन में अपना योगदान देते हैं और फिर भी एहसानमंद रहते हैं l
कुछ ऐसे संस्कार वाले होते हैं जो जहाँ भी जाते हैं - उस जगह अशांति, दंगा, फसाद, लूट, अपराध, बलात्कार, हत्या इत्यादि कर्मों से लोगो को दुखी कर के उनका जीना हराम कर देते हैं और हद दर्जे के एहसानफरामोश होते हैं - सो अलग l
लेकिन इन सब अमानवीय कर्मों के बावजूद यही कहा जा सकता है कि करने वाला तो सिर्फ एक "हार्डवेयर" या "टूल" है - खराबी तो "सोफ्टवेयर" याने कि संस्कारों में है l
तो - सभ्य और सुसंस्कृत लोगों - आपसे यही निवेदन है कि किसी के भड़काने पर उत्तेजित हो कर अपनी पवित्र कलम को गन्दी करना उचित नहीं है l
अंत में - "Those Who Angers You - Controls You" व्यर्थ में उत्तेजित हो कर अपने दिमाग का रिमोट कंट्रोल दूसरे के हाथ में नहीं देना चाहिए l
आपका क्रोधित होना भी स्वाभाविक है जी मगर आदरणीय आनंद जी शर्मा जी की बात सही और शिक्षाप्रद है।
March 16, 2010 4:38 PMप्रणाम
हिन्दू कभी भी आक्रामक नहीं रहा है, ये विषेशता ही हिन्दूऔ की सबसे बडी कमी भी है, जिसका लाभ सदैव दूसरे धर्मौं के लोग उठाते आये हैं,वो ही उकसाने वाली हरकत आज भी लोग कर रहे र्है, ये लोग ये भी जानते है कि कितने प्रतिशत मुसलमान इन्टरनेट का उपयोग कर पाते हैं, क्यों कि मुल्ला मोलवियों ने तो मुलमानों को ऎसा बनने ही नही दिया कि मुसलमान मुख्यधारा में आयें, वहाँ तो जोर मदरसों में दीनी शिक्षा पर ही रहता है। मुल्ला मोलवियों को पता है कि यदि भारत में सभी मुसलमान आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर लेंगे तो खुले विचारों के हो जायेंगे, और इनकी दुकान बन्द हो जायेगी। जब इनको पढने वाले इनके लोग कम ही हैं तो हिन्दूओं को चाहिऎ कि इनके ब्लाग पर कोई टिप्पणी ही ना की जाये। इस प्रकार के ब्लागरों के लिये उपेक्षा से बडी सजा कोइ नहीं है। जय भारत माता.....
March 16, 2010 7:02 PMAnand Sharma Ji se sahmat
March 16, 2010 7:36 PMAnand ji ko mera pranam
इतना क्रोधित होने की जरूरत नहीं है। हिन्दू धर्म को किसी की आलोचना या प्रशंसा से कोई फर्क नहीं पड़ता। सनातन धर्म है सम्मान स्वतः पैदा होता है।
March 16, 2010 7:39 PM@ Anil ji
March 16, 2010 7:41 PMaaj meri post hamarianjuman.blogspot.com pr dekhen ' thodi der men aur jaanen ki madarse men kya sikhate hain?
pls do not angry .
Ho Galat hai use galat kahne main kya jata hai . Jai Mata Ki.
March 16, 2010 8:17 PMये सरकार कहाँ सो रही है , कोई आम भारतीय यदि कुछ इस्लाम के बारे मे कुछ गलत लिखता है तो उस पर तो पोटा लगता है , और ये भाई साहब तो समाज मे जहर पैदा कर रहे है ? कहा गया देश का कानुन?एसे ब्लोग पर विजिट करना बंद कर दिजीये । अपने आप अक्ल ठीक हो जाएगी http://jivayurveda.blogspot.
March 16, 2010 8:58 PMदूसरों की कमियां निकालने चले हो ...यह कैसा हिंदुत्व है ...पहले हिन्दू बनो फिर दूसरों कों हिंदुत्व सिखाना श्रीमान जी. मेरी बात कों अन्यथा मत लेना. ब्लॉगजगत की दुहाई है
March 16, 2010 10:27 PMडागरा जी के कमेन्ट को अन्यथा न लें! ऐसे धर्मनि की बात का बुरा नहीं मानना चाहिये...शाजिया जी की बात पर ध्यान दें, उन्होंने सही लिखा है. कल से डोगरा जी हिन्दुत्व सिखायेंगे. हम सब सीखेंगे. डोगरा जी स्वच्छ और वेदकुरान पर भि गये हैं कभि? या कोई ऐसी ही प्रोफाइल लेकर घूम रहे हैं. किस पाठशाला के विद्याअर्थी हैं, ये भी बतायेम
March 17, 2010 1:56 AMभाई सरकार उनकी है. मीडिया उनका है. तथाकथित बुद्धीजीवी उनके हैं. हिन्दू जयचंदों की फ़ौज उनकी है. मानवाधिकारवादी उनके हैं. दाउद उनका है. पाकिस्तान की ताकत और अरबो की दौलत उनके पास है. तो फिर ये तो होना ही है. शुक्र करो की अब हिन्दुओं के तक खतने और बुर्के की बारी नहीं आई है. ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन भी दूर नहीं...जय हो सेकुलरिज्म की!!
March 17, 2010 2:01 AMनहीं भाई, डोगरा जी का खुद का खानदान कश्मीरी आतंकियों की गाली और गोली खा चुका है...फिर भी बेचारे सेकुलर बने फिरते हैं. शायद एनडीटीवी में नौकरी के जुगाड़ में हैं. शायद वह जानते नहीं हैं की कश्मीरी जेहादियों ने अपने जेहाद को जायज ठहराने के लिए एक नई थ्योरी तैयार की है कि कश्मीरी मुस्लिमो पर कश्मीरी डोगरा राजाओं ने बड़े जुल्म किये हैं. कश्मीरी मुस्लिमो को दबाया जाता रहा है इसलिए इन्साफ (?) के लिए उन्होंने हथियार उठाये हैं.
March 17, 2010 2:07 AM:विवेक कौल
बाइबिल में सैंकड़ों कमियां और गलतियाँ हैं.
March 17, 2010 8:19 AMहिन्दू ग्रंथों में हजारों कमियां और गलतियाँ हैं.
लेकिन कुरआन में एक भी कमी या गलती नहीं है.
होगी भी कैसे, कमी या गलती बताने पर जान से हाथ जो धोना पड़ेगा.
श्री मान डोगरा जी आप आपने नपूंसकता को तर्क दे द्वारा ठकने का कार्य ना करें अपने अगर आपके घर के औरतों के उपर कोई जूल्म करे तो क्या आप अपने आप को इन्सानियत का पाढ़ पढायेंगें या उनका बचाव करेंगे।
March 17, 2010 9:44 AMउनका बहिष्कार करना चाहिये और आपसे सहमत हूं मुंहतोड़ जवाब भी दिया जाना चाहिये।
March 17, 2010 10:09 AMये सिर्फ मुस्लिम्स ब्लोगेर्स की कुंठा है इसलिए उनको जो लिखना है लिखें |
March 17, 2010 10:24 AMक्रिया की हमेशा प्रितिक्रिया होती ही है इसकी भी होगी चाहे वो किसी रूप में भी हो |
ये लोग कमीने थे, कमीने हैं और कमीने ही रहेंगे… डोगरा जैसे मुसलमानों के खैर्ख्वाह ही असली गद्दार हैं…। हरफ़-ए-गल्त के नाम से एक ब्लाग चल रहा है उसे पढ़ो, उधर इस्लाम की सारी बुराईया खोलकर रख दी हैं, कैरानवी को भी मिरचि लग चुकी है उधर…। ये अनवर नाम का नकली आदमी हरफ़े-गल्त पर कभि जबाब नहि देता क्योकि उसे मालुम है कि उधर जो लिखा है सब सच है… 9 साल की लडकि के साथ निकाह करने वाला आदमी इन लोगो का भगवान है इनसे क्या उमीद कर रहे हो दोस्तो
March 17, 2010 12:29 PMआतंकवादी तो है ही ये लोग, अभी थोड़ा हम व्यस्त है, 5 अप्रेल के बाद मुसलमानो की जनाजा धूमधाम से बैंडबाजे के साथ निकालेगे।
March 18, 2010 7:35 AMतब इन सुवरो को घूम-घूम कर मैला खोरी करने दो।
ham to kab se islam ka asli chehra logon ke samne rakhte aa rahe hain .lekin khud hi hindu dar jate hain .mushkil se do char aise blogar honge jo islam ke bare me sahi jankar rakhate hon .aur muslimon ko jawab de sakate hon .
October 11, 2010 1:16 PMये कुंठित और मानसिक दिवालियेपन के शिकार लोग है. इनकी बातों को तवज्जो न देना ही श्रेयस्कर है. ये आज कल धार्मिक ब्लॉग युद्ध कर रहें है.
March 17, 2011 10:31 PMPost a Comment
बेधड़क अपने विचार लिखिये, बहस कीजिये, नकली-सेकुलरिज़्म को बेनकाब कीजिये…। गाली-गलौज, अश्लील भाषा, आपसी टांग खिंचाई, व्यक्तिगत टिप्पणी सम्बन्धी कमेंट्स हटाये जायेंगे…