Sunday, February 7, 2010

हिन्दू लड़की को बहादुरी का ईनाम कैसे दिया जा सकता है…

कश्मीर की रुखसाना जिसने आतंकवादियों को मार गिराया उसका अभिनन्दन, पुरस्कार, सम्मान सब हो रहा है… जबकि एक हिन्दू लड़की ने दस साल पहले ही आतंकवादियों को मार गिराया था, उसे आज तक अब्दुल्ला परिवार और शासन की तरफ़ से "ठेंगा" ही मिल सका है… बात सही भी है… सेकुलरिज़्म को महान बनाने के लिये मुस्लिम लड़की को ईनाम देना जरूरी है… और कहीं हिन्दू लड़कियाँ भी इससे प्रेरणा लेने लगें तो क्या होगा… इसलिये उसे नहीं… :)
इधर पढ़िये एक खबर… http://in.jagran.yahoo.com/news/local/jammuandkashmir/4_10_6161230.html 

2 comments:

RAJNISH PARIHAR said...

यही हमारे देश का दुर्भाग्य है..सही को सम्मान तो ठीक है,पर इसके लिए अन्यो को उपेक्षित कर अपमानित करना कहाँ का न्याय है?

February 7, 2010 at 5:37 PM
वेदिका said...

agr ye sahi hai to bahut buara wala sahi hai,

February 7, 2010 at 8:06 PM

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