Tuesday, February 23, 2010

जमीन भारत का इजाजत बंगलादेश से

ढाका। भारतीय सीमा में स्थित बांग्लादेश के दाहाग्राम और अंगारपोटा क्षेत्र में बिजली पहुंचाने के लिए सीमा-पार केबल बिछाने पर सहमति बन गई है। यह भारत के कब्‍जे में है. लेकिन इसका पटटा बंगलादेश के पास है. बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, तीन बीघा गलियारे के रास्ते से भूमिगत बिजली केबल बिछाने का काम एक मार्च से शुरू हो जाएगा।
बांग्लादेश के लालमोनीरहाट जिले में स्थित दाहाग्राम और अंगारपोटा क्षेत्र तीन बीघा गलियारे के रास्ते से बांग्लादेश के बाकी हिस्सों से जुड़े हैं। इस छोटे से गलियारे पर भारत का अधिकार है,लेकिन इसे बांग्लादेश को पट्टे पर दिया गया है।
यह गलियारा भारत के कूच बिहार जिले में है और रोजाना दिन में हर दूसरे घंटे के अंतराल पर खुलता है।
पिछले महीने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा के दौरान इस बिजली समझौते पर दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर हुआ था।
बांग्लादेश की एक निजी कंपनी 16 मार्च तक बिजली केबल बिछाने का काम पूरा करेगी।
बीएसएस के अधिकारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर यह काम 20 मार्च तक भी जारी रखा जाएगा।
इससे पहले लालमोनीरहाट के जिलाधिकारी और उपायुक्त मोहम्मद अलाउद्दीन फकीर की अगुवाई वाले पांच सदस्यीय बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल और कूच बिहार के जिलाधिकारी स्रीमोती महापात्रा की अगुवाई वाले पांच सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद इस पर सहमति बनी।

2 comments:

Anonymous said...

Right now Congress & Manmohan is weakest ruler of the world.

February 24, 2010 at 6:03 PM
Dr. Anil Kumar Tyagi said...

जब से कांग्रेस का गठन हुआ है तभी से कुछ काल( सुभाष चन्द्र बोस का) छोड कर हमेशा से विदेशियों का तलवा चाटने की नीति रही है। यही काम कांग्रेस आज तक कर रही है। कांगेस की किसी भी तरह सत्ता में बने रहने की ललक ने भारत की आत्मा को छिन्न-भिन्न कर दिया है।

February 24, 2010 at 6:38 PM

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